अपना कनेक्शन टेस्ट करें रियल टाइम में

पिंग, जिटर और पैकेट लॉस का विश्लेषण एक ही स्क्रीन पर करें।

  • ज़्यादा स्थिर कनेक्शन
  • रियल-टाइम विश्लेषण
  • गेमिंग के लिए ऑप्टिमाइज़्ड

टेस्ट सेटिंग्स

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सर्वर लोकेशन अपने सबसे नज़दीकी सर्वर को चुनें
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10 पिंग/सेकंड
10 सेकंड

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नतीजे रियल टाइम में दिखाए जाते हैं।

कनेक्ट करने के लिए तैयार
—ms
औसत पिंग
न्यूनतम — ms | अधिकतम — ms
जिटर
—ms
पैकेट लॉस
—%
स्थिरता
—%

पिंग चार्ट

पिंग टेस्ट क्या मापता है और नतीजे कैसे पढ़ें

पिंग टेस्ट यह मापता है कि एक छोटे पैकेट को आपके डिवाइस से टेस्ट सर्वर तक जाने और वापस आने में कितने मिलीसेकंड लगते हैं। लेकिन सिर्फ़ एक औसत से यह पता नहीं चलता कि असल इस्तेमाल में आपका कनेक्शन कैसा व्यवहार करता है। इसीलिए यह टेस्ट एक ही स्क्रीन पर लेटेंसी के साथ जिटर, पैकेट लॉस और कुल स्थिरता स्कोर भी दिखाता है, ताकि आप देख सकें कि आपका कनेक्शन सिर्फ़ कितनी तेज़ी से जवाब देता है ही नहीं, बल्कि कितनी लगातार ऐसा करता है।

हमारा टेस्ट कैसे काम करता है

ज़्यादातर ब्राउज़र-आधारित पिंग टेस्ट HTTP अनुरोध भेजते हैं। HTTP, TCP पर चलता है, जो हर खोए हुए पैकेट को चुपचाप दोबारा भेज देता है: आपको थोड़ा ज़्यादा नंबर दिखता है, और असली समस्या, यानी पैकेट लॉस, छिपी रह जाती है। गेम और वीडियो कॉल ज़्यादातर UDP इस्तेमाल करते हैं, जहाँ खोया हुआ पैकेट बस गायब हो जाता है और अटकने, रबर-बैंडिंग या आवाज़ का कोई हिस्सा कट जाने के रूप में दिखता है।

जो ट्रैफ़िक वास्तव में मायने रखता है, उसे मापने के लिए टेस्ट इस तरह काम करता है:

  1. आपका ब्राउज़र टेस्ट सर्वर से एक WebSocket कनेक्शन खोलता है। इसका इस्तेमाल सिर्फ़ सेटअप (signaling) के लिए होता है।
  2. फिर एक WebRTC डेटा चैनल बनाया जाता है, जिसे बिना क्रम और बिना री-ट्रांसमिशन (maxRetransmits: 0) के लिए कॉन्फ़िगर किया गया है, ताकि यह UDP की तरह व्यवहार करे।
  3. ट्रैफ़िक सर्वर की अपनी TURN सेवा से होकर गुज़रता है, जिससे टेस्ट आपके राउटर की NAT या फ़ायरवॉल सेटिंग्स की परवाह किए बिना चल पाता है।
  4. आपके चुने हुए साइज़ (32–1200 बाइट) के पैकेट, आपकी चुनी हुई दर (1–100 प्रति सेकंड) से, आपकी चुनी हुई अवधि (5 सेकंड से 5 मिनट) तक भेजे जाते हैं। सर्वर हर पैकेट को वापस लौटा देता है।
  5. टेस्ट खत्म होने पर सर्वर बताता है कि उसे कौन-से पैकेट ID मिले। इससे लॉस को अपलोड लॉस (जाते समय खोया) और डाउनलोड लॉस (वापस आते समय खोया) में बाँटा जा सकता है।

आपकी रिपोर्ट के आँकड़े

  • औसत, न्यूनतम और अधिकतम पिंग: लेटेंसी का कुल स्तर और उसकी चरम सीमाएँ। न्यूनतम वैल्यू उसके करीब होती है जो आपकी लाइन खाली होने पर दे सकती है।
  • मीडियन और 95वाँ पर्सेंटाइल: मीडियन कभी-कभार आने वाले स्पाइक्स को नज़रअंदाज़ करता है, जबकि 95वाँ पर्सेंटाइल बताता है कि 95% पैकेट किस लेटेंसी से नीचे रहे। मैच के दौरान महसूस होने वाला अचानक लैग आमतौर पर सबसे पहले यहीं दिखता है।
  • जिटर: लगातार राउंड-ट्रिप समयों के बीच का औसत निरपेक्ष अंतर। यह जितना ज़्यादा होगा, आपकी लेटेंसी उतनी ही कम अनुमान-योग्य होगी।
  • देर से पहुँचे, क्रम से बाहर और डुप्लिकेट पैकेट: देर से पहुँचे पैकेट रियल-टाइम ऐप्स को उतना ही नुकसान पहुँचाते हैं जितना खोए हुए; क्रम बिगड़ना और डुप्लिकेट रास्ते में रूटिंग समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं।
  • स्थिरता प्रतिशत और ग्रेड (A–F): ऊपर दी गई सभी बातों का एक त्वरित सारांश।
  • MOS स्कोर: 1 से 4.5 के पैमाने पर वॉइस कॉल की गुणवत्ता का अनुमान, जिसे ITU-T G.107 E-मॉडल के सरल संस्करण से निकाला जाता है।

इस्तेमाल के हिसाब से लक्ष्य वैल्यू

जो कनेक्शन एक काम के लिए ठीक है, वह दूसरे के लिए कमज़ोर हो सकता है। इन अनुमानित लक्ष्यों को गाइड के रूप में इस्तेमाल करें:

इस्तेमालपिंगजिटरपैकेट लॉस
कॉम्पिटिटिव शूटर गेम40 ms से कम5 ms से कम0%
MOBA और अन्य ऑनलाइन गेम80 ms से कम10 ms से कम1% से कम
वीडियो कॉल और VoIP150 ms से कम30 ms से कम1% से कम
स्ट्रीमिंग और ब्राउज़िंग200 ms से कमज़रूरी नहीं2% से कम

वीडियो स्ट्रीमिंग जैसे बफ़र वाले ऐप्स छोटे उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं; गेम और कॉल नहीं झेल सकते। भरपूर बैंडविड्थ होने पर भी, ज़्यादा जिटर या लॉस किसी भी रियल-टाइम चीज़ में समस्या पैदा करेगा।

ज़्यादा सटीक नतीजों के लिए टिप्स

  • अपने सबसे नज़दीकी सर्वर को चुनें।
  • हो सके तो Ethernet केबल से कनेक्ट करें।
  • डाउनलोड, अपडेट और क्लाउड बैकअप रोक दें।
  • टेस्ट कम से कम 30 सेकंड तक चलाएँ।
  • दिन के अलग-अलग समय पर टेस्ट करें।
  • Wi-Fi की तुलना वायर्ड कनेक्शन से करें।
  • गेमिंग के लिए छोटे पैकेट और ऊँची दर इस्तेमाल करें।
  • नतीजों को बाद के लिए CSV या JSON में सेव करें।

लंबी और ज़्यादा विस्तृत माप के लिए पैकेट लॉस टेस्ट इस्तेमाल करें। किसी खास गेम के सर्वर क्षेत्रों तक लेटेंसी जाँचने के लिए CS2 पिंग टेस्ट या कोई दूसरा गेम पेज आज़माएँ।

नतीजे अपने ISP के साथ साझा करना

अगर कोई समस्या बार-बार लौट रही है, तो रिपोर्ट डाउनलोड करें और उसे सपोर्ट अनुरोध के साथ अटैच करें। इसमें तारीख, इस्तेमाल किया गया सर्वर, भेजे और प्राप्त पैकेट, और हर दिशा का लॉस शामिल होता है। दिन के अलग-अलग समय पर वायर्ड कनेक्शन से किए गए कई टेस्ट यह मज़बूती से साबित करते हैं कि समस्या आपके होम नेटवर्क में नहीं बल्कि लाइन में है। अगर आपको ज़्यादातर अपलोड लॉस दिखता है, तो प्रोवाइडर से संपर्क करने से पहले अपना राउटर, केबल और Wi-Fi सेटअप जाँचें। टेस्ट सर्वर कई जगहों पर उपलब्ध हैं, जिनमें इस्तांबुल, फ़ाल्केनश्टाइन, फ़्रैंकफ़र्ट और ग्रावलिन शामिल हैं, ताकि आप यह भी जाँच सकें कि समस्या हर रूट पर है या सिर्फ़ एक पर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पिंग क्या है और अच्छी वैल्यू कितनी होती है?

पिंग वह समय है जो एक पैकेट को सर्वर तक जाने और वापस आने में लगता है, मिलीसेकंड में। 0–20 ms उत्कृष्ट, 20–50 ms अच्छा और 50–100 ms ठीक-ठाक है; 100 ms से ऊपर गेम और वीडियो कॉल में देरी महसूस होगी।

पैकेट लॉस क्या है?

पैकेट लॉस का मतलब है कि आपके भेजे गए कुछ पैकेट कभी अपनी मंज़िल तक नहीं पहुँचते। 0% आदर्श है; 1% से ऊपर होने पर गेम में अटकना और कॉल में आवाज़ कटना शुरू हो जाता है।

जिटर क्या है?

जिटर लगातार पैकेटों के बीच लेटेंसी में होने वाला उतार-चढ़ाव है। कम जिटर (5 ms से कम) का मतलब स्थिर कनेक्शन है; ज़्यादा जिटर से आवाज़ रोबोटिक लगती है और गेम में अचानक लैग स्पाइक आते हैं।

यह टेस्ट दूसरे पिंग टेस्ट से कैसे अलग है?

यह टेस्ट आपके ब्राउज़र और हमारे सर्वर के बीच एक WebRTC डेटा चैनल (UDP-जैसा, बिना री-ट्रांसमिशन) खोलता है। इससे गेम और वीडियो कॉल जैसी परिस्थितियों में असली पैकेट लॉस मापा जाता है — TCP-आधारित टेस्ट लॉस को छिपा देते हैं।

Wi-Fi पर टेस्ट करूँ या वायर्ड पर?

समस्या का पता लगाने के लिए दोनों आज़माएँ। अगर वायर्ड कनेक्शन ठीक है लेकिन Wi-Fi नहीं, तो समस्या आपके वायरलेस नेटवर्क में है (इंटरफ़ेरेंस, दूरी, चैनल में भीड़)।

मेरे नतीजे हर बार अलग क्यों आते हैं?

नेटवर्क ट्रैफ़िक लगातार बदलता रहता है। शाम के पीक घंटे, दूसरे डिवाइस पर डाउनलोड और Wi-Fi इंटरफ़ेरेंस, सभी नतीजों पर असर डालते हैं। कुछ टेस्ट चलाएँ और औसत देखें।