हेडफ़ोन और माइक्रोफ़ोन टेस्ट क्या जाँचता है
किसी कॉल या मैच से पहले यह पक्का करना कि आपका हेडसेट और माइक्रोफ़ोन काम कर रहे हैं, बस कुछ सेकंड का काम है। यह टूल सीधे आपके ब्राउज़र में चलता है, कुछ भी इंस्टॉल करने की ज़रूरत नहीं, और इससे आप जाँच सकते हैं:
- लेफ़्ट और राइट चैनल: एक टोन सिर्फ़ बाएँ, सिर्फ़ दाएँ या दोनों तरफ़ से बजती है। अगर हेडफ़ोन उल्टे पहने हैं या एक तरफ़ खराब है, तो आपको तुरंत पता चल जाएगा।
- फ़्रीक्वेंसी स्वीप (20 Hz – 20 kHz): टोन इंसान के सुन सकने लायक सबसे नीची पिच से सबसे ऊँची तक जाती है। आवाज़ कहाँ धीमी पड़ती है, इस पर ध्यान देने से आपके हेडफ़ोन और आपकी सुनने की क्षमता, दोनों की सीमाएँ पता चलती हैं।
- माइक्रोफ़ोन लेवल मीटर: दिखाता है कि बोलते समय इनपुट हिलता है या नहीं, और सिग्नल कितना मज़बूत है।
- 5 सेकंड रिकॉर्ड और प्लेबैक: अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करें और तुरंत सुनें, ताकि जान सकें कि दूसरे क्या सुनते हैं।
शुरू करने से पहले
शुरू करने से पहले सिस्टम वॉल्यूम कम करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ। खासकर स्वीप का ऊँचा हिस्सा पूरे वॉल्यूम पर चुभ सकता है। माइक्रोफ़ोन टेस्ट के लिए आपका ब्राउज़र अनुमति माँगेगा; जब तक आप अनुमति नहीं देते, माइक्रोफ़ोन एक्सेस नहीं होता। अगर आपके पास कई इनपुट डिवाइस हैं, तो डिवाइस सूची से वह चुनें जिसे टेस्ट करना है।
सारी आवाज़ें आपके ब्राउज़र में ही बनती हैं, और रिकॉर्डिंग सिर्फ़ आपके डिवाइस की मेमोरी में रहती है। किसी सर्वर पर कुछ भी अपलोड नहीं होता, और पेज बंद करते ही रिकॉर्डिंग मिट जाती है।
नतीजों को समझना
हेडफ़ोन
- अगर लेफ़्ट चैनल की टोन दाईं ओर से आती है, तो हेडफ़ोन उल्टे पहने हैं या ऑपरेटिंग सिस्टम में चैनल आपस में बदले हुए हैं।
- अगर एक तरफ़ आवाज़ धीमी है, तो साउंड सेटिंग्स में बैलेंस जाँचें; अगर इससे फ़र्क न पड़े, तो केबल या ड्राइवर (स्पीकर) खराब हो सकता है।
- छोटे ईयरबड्स पर सबसे नीची फ़्रीक्वेंसी न सुनाई देना सामान्य है। लगभग 15 kHz से ऊपर न सुन पाना उम्र बढ़ने का स्वाभाविक हिस्सा है।
- स्वीप के किसी खास बिंदु पर चटचटाहट या भिनभिनाहट खराब ड्राइवर का संकेत हो सकती है।
माइक्रोफ़ोन
- अगर मीटर बिल्कुल नहीं हिलता, तो शायद गलत डिवाइस चुना है, माइक म्यूट है, या ऑपरेटिंग सिस्टम एक्सेस ब्लॉक कर रहा है।
- अगर सामान्य बोलचाल में मीटर ऊपर तक पहुँच जाता है, तो गेन बहुत ज़्यादा है और दूसरों को आपकी आवाज़ बिगड़ी हुई सुनाई देगी।
- अगर रिकॉर्डिंग में भनभनाहट या पंखे का शोर है, तो माइक को मुँह के करीब लाएँ और नॉइज़ सप्रेशन फ़ीचर आज़माएँ।
ऑडियो की समस्या या कनेक्शन की?
अगर लोग कहते हैं कि कॉल में आपकी आवाज़ कटती है या रोबोटिक लगती है, तो पहले यहाँ अपना माइक्रोफ़ोन जाँचें। अगर रिकॉर्डिंग साफ़ है, तो समस्या आपके हार्डवेयर में नहीं, बल्कि ज़्यादातर आपके इंटरनेट कनेक्शन में है। वॉइस ट्रैफ़िक खोए हुए पैकेट कभी दोबारा नहीं भेजता, इसलिए यह जिटर और पैकेट लॉस के प्रति बहुत संवेदनशील है। ऐसे में पैकेट लॉस टेस्ट चलाएँ; इसकी रिपोर्ट का MOS स्कोर सीधे वॉइस कॉल की गुणवत्ता का अनुमान देता है। अगर दिक्कत गेम के अंदर वॉइस चैट में है, तो आप Valorant या League of Legends पिंग टेस्ट से सर्वर क्षेत्रों तक अपनी लेटेंसी भी जाँच सकते हैं।